भगवद् गीता वर्ल्ड

प्रश्नोत्तर

गीता और श्रीकृष्ण के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न और उनके सरल उत्तर।

  • भगवद्गीता का उपदेश क्यों दिया गया? – युद्धभूमि में मोह और शोक से घिरे अर्जुन को उनके कर्तव्य का बोध कराने और उनके संशय दूर करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया।
  • भगवद्गीता किसने लिखी? – गीता का उपदेश भगवान श्रीकृष्ण ने दिया और महर्षि वेदव्यास ने इसे महाभारत के भाग के रूप में ग्रंथबद्ध किया।
  • भगवद्गीता में कितने श्लोक हैं? – परंपरा के अनुसार गीता में 700 श्लोक हैं; कुछ संस्करण तेरहवें अध्याय के आरंभ में अर्जुन के प्रश्न को जोड़कर 701 गिनते हैं।
  • भगवद्गीता का उपदेश कब दिया गया? – परंपरा के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को, कुरुक्षेत्र युद्ध के पहले दिन; इसी तिथि को गीता जयंती मनाई जाती है।
  • शुरुआत करने वाले गीता कैसे पढ़ें? – रोज़ एक निश्चित समय पर थोड़े-से श्लोक अर्थ सहित पढ़ें, उन पर विचार करें और एक बात को दिनभर जीवन में उतारने का प्रयास करें।
  • गीता के चार योग कौन-से हैं? – कर्मयोग, ज्ञानयोग, ध्यानयोग और भक्तियोग, ये चार मार्ग गीता में प्रमुख रूप से बताए गए हैं और एक-दूसरे के पूरक हैं।
  • भगवान श्रीकृष्ण कौन हैं? – श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के पूर्ण अवतार माने जाते हैं, और अनेक भक्ति परंपराओं में उन्हें स्वयं परमेश्वर माना जाता है।
  • श्रीकृष्ण को नीले या श्याम रंग का क्यों दिखाया जाता है? – शास्त्रों में श्रीकृष्ण को श्याम, अर्थात वर्षा के मेघ जैसे साँवले रंग का बताया गया है; चित्रों में इसे नीले रंग से दर्शाया जाता है।
  • श्री राधा कौन हैं? – श्री राधा बरसाना के राजा वृषभानु की पुत्री और श्रीकृष्ण की परम प्रिया हैं, जिन्हें भक्ति परंपरा में शुद्ध प्रेम और भक्ति का सर्वोच्च रूप माना जाता है।
  • श्रीकृष्ण की कितनी पत्नियाँ थीं? – श्रीकृष्ण की आठ प्रमुख पटरानियाँ (अष्टभार्या) थीं, और उन्होंने नरकासुर की कैद से मुक्त कराई गई 16,100 राजकुमारियों को भी पत्नी रूप में सम्मान दिया।
  • श्रीकृष्ण के गुरु कौन थे? – श्रीकृष्ण और बलरामजी ने उज्जैन (अवंती) में महर्षि सांदीपनि के आश्रम में शिक्षा पाई; उनका नामकरण संस्कार गर्ग मुनि ने किया था।
  • जन्माष्टमी का व्रत कैसे रखें? – सामान्यतः भक्त दिनभर उपवास या फलाहार करते हैं और मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्म की पूजा के बाद व्रत खोलते हैं; परिवार और संप्रदाय के अनुसार रीतियाँ अलग होती हैं।
  • घर पर श्रीकृष्ण की पूजा कैसे करें? – दीपक जलाकर, तुलसी दल सहित भोग अर्पित करके, आरती और नाम-जप करके घर पर सरल और प्रेमपूर्ण पूजा की जा सकती है।
  • श्रीकृष्ण मोरपंख और बाँसुरी क्यों धारण करते हैं? – मोरपंख और बाँसुरी व्रज के ग्वाले के रूप में श्रीकृष्ण की पहचान हैं; परंपरा में इनके कई सुंदर प्रतीकात्मक अर्थ बताए जाते हैं।
  • भक्ति क्या है? – भक्ति का अर्थ है भगवान के प्रति निःस्वार्थ प्रेम और पूर्ण समर्पण, जिसे गीता और भागवत में सबसे सरल और श्रेष्ठ मार्ग कहा गया है।
  • श्रीकृष्ण ने पृथ्वी लोक कैसे छोड़ा? – प्रभास क्षेत्र में यदुवंश के अंत के बाद, एक पीपल वृक्ष के नीचे बैठे श्रीकृष्ण के चरण में जरा नामक व्याध का बाण लगा और वे स्वधाम पधारे; यह स्थान भालका तीर्थ कहलाता है।