परिवार और सखा
राधा रानी, बलराम, यशोदा मैया, नंद बाबा, सुदामा, उद्धव, अर्जुन और श्रीकृष्ण के अन्य प्रियजन।
- श्री राधा-कृष्ण – श्री राधा, भक्ति की सर्वोच्च मूर्ति और श्रीकृष्ण की आह्लादिनी शक्ति, जिनके बिना कृष्ण की आराधना अधूरी मानी जाती है।
- बलराम जी (दाऊजी) – श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी, रोहिणी नंदन संकर्षण, हलधर और व्रज के प्यारे दाऊजी।
- यशोदा मैया – जिन यशोदा मैया की गोद में श्रीकृष्ण पले, उनका वात्सल्य प्रेम भगवान को भी बाँध लेता है।
- नंद बाबा – व्रज के गोपों के मुखिया नंद बाबा, जिनके आँगन में "नंदलाल" श्रीकृष्ण खेले।
- देवकी और वसुदेव – कंस के कारागार में अपार कष्ट सहकर भी धर्म और विश्वास पर अडिग रहे श्रीकृष्ण के जन्मदाता माता-पिता।
- सुदामा: बचपन के सखा – गुरुकुल के सखा, निर्धन ब्राह्मण सुदामा, जिनके मुट्ठी भर चिउड़े को द्वारकाधीश ने प्रेम से स्वीकार किया।
- उद्धव जी – श्रीकृष्ण के सखा और मंत्री उद्धव जी, जो गोपियों को संदेश देने गए और स्वयं प्रेम-भक्ति का पाठ सीखकर लौटे।
- अर्जुन: सखा और शिष्य – नर-नारायण की जोड़ी में नर, श्रीकृष्ण के प्रिय सखा अर्जुन, जिन्हें कुरुक्षेत्र में भगवद्गीता का उपदेश मिला।
- रुक्मिणी जी और अष्ट पटरानियाँ – लक्ष्मी स्वरूपा रुक्मिणी जी, सत्यभामा, जाम्बवती और द्वारकाधीश की अष्ट पटरानियाँ।
- सुभद्रा और द्रौपदी – श्रीकृष्ण की बहन सुभद्रा और उनकी परम भक्त सखी द्रौपदी, जिनकी पुकार पर भगवान सदा दौड़े आए।