श्रीकृष्ण को नीले या श्याम रंग का क्यों दिखाया जाता है?
शास्त्रों में श्रीकृष्ण को श्याम, अर्थात वर्षा के मेघ जैसे साँवले रंग का बताया गया है; चित्रों में इसे नीले रंग से दर्शाया जाता है।
उत्तर
शास्त्रों और भक्ति काव्यों में भगवान श्रीकृष्ण के वर्ण को "श्याम" कहा गया है, जिसका अर्थ है साँवला या गहरा। उन्हें "घनश्याम" भी कहते हैं, अर्थात वर्षा से भरे बादल के समान श्याम वर्ण वाले। चित्रकार और मूर्तिकार इसी दिव्य वर्ण को नीले या गहरे नीले रंग से दर्शाते हैं।
परंपरा में इसकी कई प्रतीकात्मक व्याख्याएँ दी जाती हैं। आकाश और समुद्र अनंत होने के कारण नीले दिखते हैं, उसी प्रकार भगवान भी अनंत और असीम हैं। वर्षा का बादल तपती धरती को शीतलता और जीवन देता है, वैसे ही श्रीकृष्ण संसार के ताप से पीड़ित जीवों को शांति देते हैं। कुछ संत कहते हैं कि गहरा रंग सबको अपने में समा लेता है, वैसे ही भगवान सबको अपनाते हैं।
ये व्याख्याएँ भक्तों के भाव और परंपरा से आई हैं। मूल बात यह है कि भक्त उनके सुंदर श्याम स्वरूप का ध्यान करके आनंद पाते हैं।