मंत्र
श्रीकृष्ण के प्रमुख मंत्र, उनका अर्थ और जप की सरल विधि।
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय – द्वादशाक्षर मंत्र — भगवान वासुदेव श्रीकृष्ण को नमस्कार। श्रीमद्भागवत का मूल मंत्र, जो नारद जी ने बालक ध्रुव को दिया था।
- हरे कृष्ण महामंत्र – सोलह नामों का महामंत्र, जिसे कलिसंतरण उपनिषद् कलियुग के दोष दूर करने वाला बताता है।
- कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने – श्रीमद्भागवत का प्रसिद्ध प्रार्थना-श्लोक — शरणागत के क्लेश नष्ट करने वाले गोविंद को बार-बार नमस्कार।
- श्रीकृष्णः शरणं मम – पुष्टिमार्ग का अष्टाक्षर मंत्र — "श्रीकृष्ण ही मेरी शरण हैं।" गुजरात और व्रज के वैष्णवों में अत्यंत प्रिय।
- गोपाल मंत्र (अष्टादशाक्षर) – गोपाल-तापनी उपनिषद् में वर्णित श्रीकृष्ण का अठारह अक्षरों का मंत्र, जो गोपीजन-वल्लभ गोविंद को समर्पित है।
- श्रीकृष्ण गायत्री मंत्र – गायत्री छंद में श्रीकृष्ण की प्रार्थना — देवकीनंदन वासुदेव हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।
- ॐ श्रीकृष्णाय नमः – सबसे सरल नाम-मंत्र — "ॐ, श्रीकृष्ण को नमस्कार।" बच्चे और बड़े सभी इसे कभी भी बोल सकते हैं।