भगवान श्रीकृष्ण कौन हैं?
श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के पूर्ण अवतार माने जाते हैं, और अनेक भक्ति परंपराओं में उन्हें स्वयं परमेश्वर माना जाता है।
उत्तर
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि को मथुरा के कारागार में माता देवकी और वसुदेवजी के पुत्र के रूप में हुआ। कंस के भय से वसुदेवजी उन्हें गोकुल ले गए, जहाँ नंद बाबा और यशोदा मैया ने उनका पालन-पोषण किया।
शास्त्रों में उन्हें भगवान विष्णु का अवतार कहा गया है, और प्रचलित दशावतार सूचियों में वे आठवें अवतार हैं। श्रीमद्भागवत में अवतारों की सूची के बाद कहा गया है कि अन्य अवतार भगवान के अंश या कला हैं, पर कृष्ण स्वयं भगवान हैं। इसी आधार पर गौड़ीय, पुष्टिमार्ग जैसी अनेक वैष्णव परंपराएँ उन्हें स्वयं परमेश्वर मानती हैं, जबकि अन्य परंपराएँ उन्हें विष्णु का पूर्ण अवतार मानती हैं।
उनका जीवन बहुआयामी है: व्रज के नटखट माखनचोर, गोपियों के प्रियतम, कंस का अंत करने वाले, द्वारकाधीश, पांडवों के सखा और गीता के उपदेशक। वे प्रेम, आनंद, नीति और ज्ञान के अद्भुत संगम हैं।
- Source
- Shrimad Bhagavatam, Canto 1 and Canto 10