शास्त्र और ग्रंथ
भगवद् गीता, श्रीमद्भागवत, महाभारत, उद्धव गीता, हरिवंश और गीत गोविंद — श्रीकृष्ण से जुड़े प्रमुख ग्रंथ।
- श्रीमद्भगवद्गीता : एक परिचय – महाभारत के भीष्म पर्व में स्थित गीता भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन का संवाद है, जिसमें 18 अध्याय और परंपरा के अनुसार 700 श्लोक हैं।
- श्रीमद्भागवत महापुराण : एक परिचय – महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित श्रीमद्भागवत में 12 स्कंध और लगभग 18,000 श्लोक हैं; इसका दशम स्कंध भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करता है।
- श्रीमद्भागवत के 12 स्कंध – श्रीमद्भागवत के बारह स्कंधों में सृष्टि से लेकर श्रीकृष्ण लीला और कलियुग तक की कथा क्रम से कही गई है।
- महाभारत और श्रीकृष्ण – महर्षि वेदव्यास रचित महाभारत 18 पर्वों और लगभग एक लाख श्लोकों का महाकाव्य है, जिसके केंद्र में भगवान श्रीकृष्ण का मार्गदर्शन है।
- महाभारत की प्रमुख घटनाएँ – पांडवों के जन्म से लेकर महाप्रस्थान तक, महाभारत की मुख्य घटनाएँ क्रम से, जिनमें भगवान श्रीकृष्ण बार-बार धर्म की रक्षा करते हैं।
- उद्धव गीता – श्रीमद्भागवत के एकादश स्कंध में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अपने प्रिय सखा उद्धवजी को दिया गया अंतिम उपदेश।
- अनुगीता – महाभारत के आश्वमेधिक पर्व में, युद्ध के बाद अर्जुन के अनुरोध पर भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया पुनः उपदेश।
- हरिवंश और विष्णु पुराण – महाभारत का परिशिष्ट हरिवंश और विष्णु पुराण, भागवत के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के प्रमुख प्राचीन स्रोत हैं।
- जयदेव कृत गीतगोविंद – बारहवीं शताब्दी में कवि जयदेव द्वारा रचित संस्कृत काव्य गीतगोविंद, जो श्री जगन्नाथ मंदिर की परंपरा, भक्ति संगीत और शास्त्रीय नृत्य का अभिन्न अंग है।