सोमनाथ – भालका तीर्थ
प्रभास क्षेत्र, जहाँ भालका तीर्थ पर जरा का बाण लगा और देहोत्सर्ग तीर्थ से श्रीकृष्ण अपने धाम पधारे।
गुजरात के सौराष्ट्र तट पर स्थित प्रभास क्षेत्र श्रीकृष्ण की अंतिम लीला का साक्षी है। महाभारत के मौसल पर्व और श्रीमद्भागवत के एकादश स्कंध के अनुसार, यादवों के आपसी संघर्ष में विनाश के बाद बलराम जी ने समुद्र तट पर योग द्वारा देह त्याग किया। श्रीकृष्ण एक पीपल के वृक्ष के नीचे शांत भाव से बैठे थे। तभी जरा नामक शिकारी ने दूर से उनके चरण को हिरण का मुख समझकर बाण चला दिया। अपनी भूल जानकर जरा भयभीत होकर क्षमा माँगने लगा, पर करुणामय भगवान ने उसे सांत्वना दी और क्षमा कर दिया।
वेरावल और सोमनाथ के बीच स्थित भालका तीर्थ वही स्थान माना जाता है जहाँ बाण लगा। यहाँ के मंदिर में पीपल के नीचे लेटे हुए श्रीकृष्ण और हाथ जोड़े जरा की प्रतिमाएँ हैं। निकट ही हिरण, कपिला और सरस्वती नदियों के त्रिवेणी संगम के पास देहोत्सर्ग तीर्थ है, जहाँ से परंपरा के अनुसार श्रीकृष्ण अपने परम धाम पधारे। यहाँ गीता मंदिर है, और पास ही वह गुफा है जिसे बलराम जी के धाम-गमन से जोड़ा जाता है। त्रिवेणी संगम पर स्नान और पितृ-तर्पण का विशेष महत्व है।
यहीं बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माने जाने वाले सोमनाथ महादेव का भव्य मंदिर है, जिसका स्वतंत्रता के बाद पुनर्निर्माण हुआ। समुद्र के किनारे खड़ा यह मंदिर शिव और कृष्ण, दोनों के भक्तों को एक साथ आकर्षित करता है।
जन्माष्टमी भालका और देहोत्सर्ग तीर्थ पर श्रद्धा से मनाई जाती है, जबकि सोमनाथ में महाशिवरात्रि और कार्तिक पूर्णिमा का मेला प्रसिद्ध है।
व्यावहारिक जानकारी: निकटतम शहर और रेलवे स्टेशन वेरावल है; सोमनाथ, भालका और देहोत्सर्ग तीर्थ एक-दूसरे से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर हैं।
- State
- गुजरात
- Nearest City
- Veraval
- Main Temples
- Bhalka Tirth, Dehotsarg Tirth and Gita Mandir, Triveni Sangam, Somnath Jyotirlinga Temple
- Associated Leela
- Jara's arrow and Shri Krishna's departure from the world