भगवद् गीता वर्ल्ड

कुरुक्षेत्र – ज्योतिसर

धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र, जहाँ ज्योतिसर में वटवृक्ष के नीचे श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया।

भगवद्गीता का पहला ही श्लोक "धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे" से आरंभ होता है। महाभारत के अनुसार इसी भूमि पर कौरवों और पांडवों का महायुद्ध हुआ। युद्ध आरंभ होने से पहले जब अर्जुन मोह और विषाद से भर गए, तब सारथी बने श्रीकृष्ण ने उन्हें कर्म, ज्ञान और भक्ति का अमर उपदेश दिया और अपना विराट रूप दिखाया। परंपरा के अनुसार यह उपदेश कुरुक्षेत्र नगर के पास ज्योतिसर नामक स्थान पर दिया गया था।

ज्योतिसर में एक प्राचीन वटवृक्ष है, जिसे श्रद्धालु गीता-उपदेश का साक्षी मानते हैं। इसके पास अर्जुन के रथ पर श्रीकृष्ण के उपदेश की झाँकी, सरोवर और मंदिर हैं, और यहाँ का वातावरण गीता-पाठ के लिए अत्यंत शांत है। कुरुक्षेत्र नगर में स्थित विशाल ब्रह्म सरोवर यहाँ का सबसे प्रसिद्ध तीर्थ है; सूर्य-ग्रहण के समय यहाँ स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। सन्निहित सरोवर, भीष्म कुंड और श्रीकृष्ण संग्रहालय भी दर्शनीय हैं। पूरे कुरुक्षेत्र क्षेत्र में महाभारत से जुड़े अनेक तीर्थ फैले हुए हैं।

मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी, जिसे मोक्षदा एकादशी भी कहते हैं, गीता जयंती के रूप में मनाई जाती है। इसके आसपास यहाँ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव होता है, जिसमें ब्रह्म सरोवर पर दीपदान, गीता-पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेले का आयोजन होता है।

व्यावहारिक जानकारी: कुरुक्षेत्र हरियाणा में दिल्ली–अंबाला रेल मार्ग पर स्थित है और कुरुक्षेत्र जंक्शन यहाँ का रेलवे स्टेशन है। ज्योतिसर नगर से थोड़ी दूरी पर है और सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। गीता के प्रेमियों के लिए यहाँ बैठकर गीता का पाठ करना एक अविस्मरणीय अनुभव होता है।

State
हरियाणा
Nearest City
Kurukshetra (Thanesar)
Main Temples
Jyotisar, Brahma Sarovar, Sannihit Sarovar, Bhishma Kund, Shri Krishna Museum
Associated Leela
Speaking of the Bhagavad Gita to Arjuna

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