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कृष्ण — सबको आकर्षित करने वाले श्यामसुंदर

"कृष्ण" नाम का अर्थ है श्यामवर्ण और सबको अपनी ओर खींचने वाले। यह नाम गोकुल में गर्ग मुनि ने नामकरण संस्कार के समय रखा था।

"कृष्ण" शब्द का सीधा अर्थ है श्याम या गहरा साँवला। भगवान का वर्ण वर्षा के बादलों जैसा श्यामल है, इसलिए यह नाम उनके रूप को दर्शाता है। परंपरा में इसका एक गहरा अर्थ भी बताया जाता है — "कृष्" धातु का अर्थ है खींचना, इसलिए कृष्ण वे हैं जो सबके मन को अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं।

श्रीमद्भागवत के दशम स्कंध के अनुसार, जब नंद बाबा ने यदुकुल के पुरोहित गर्ग मुनि को गोकुल बुलाया, तब उन्होंने गुप्त रूप से बालक का नामकरण किया। गर्ग मुनि ने कहा कि यह बालक भिन्न-भिन्न युगों में श्वेत, रक्त और पीत वर्ण धारण कर चुका है और इस बार श्याम वर्ण में आया है, इसलिए इसका नाम कृष्ण होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इसके गुण और कर्मों के अनुसार इसके अनेक नाम होंगे।

भगवद्गीता में अर्जुन बार-बार भगवान को "कृष्ण" कहकर पुकारते हैं, जैसे पहले अध्याय में अपने स्वजनों को देखकर। भक्ति में यह नाम सबसे प्रिय और सबसे सरल है। "हरे कृष्ण" महामंत्र, "श्रीकृष्ण शरणं मम" और "जय श्रीकृष्ण" का अभिवादन — सबमें यही नाम गूँजता है। भक्तों का विश्वास है कि प्रेम से लिया गया यह एक नाम ही हृदय को शुद्ध कर देता है।

Name Sa
कृष्ण
Name Roman
Krishna
Meaning
श्यामवर्ण; सबको आकर्षित करने वाले
Gita Refs
1.28, 1.32
Source
Shrimad Bhagavatam, Canto 10 (naming by Garga Muni)

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