वृंदावन
ब्रज की वह लीलाभूमि जहाँ श्रीकृष्ण ने गोचारण किया, वंशी बजाई और राधा रानी व गोपियों संग रास रचाया।
वृंदावन ब्रज की वह वन-भूमि है जहाँ श्रीकृष्ण ने अपना बाल्यकाल और किशोरावस्था ग्वाल-बालों के साथ बिताई। यहीं उन्होंने गौएँ चराईं, मधुर वंशी बजाई और शरद की चाँदनी रातों में श्री राधा रानी तथा गोपियों के साथ महारास किया। श्रीमद्भागवत में यमुना के कालिय दह में कालिय नाग के दमन जैसी अनेक लीलाओं का वर्णन इसी भूमि से जुड़ा है। भक्तों के लिए वृंदावन वह धाम है जहाँ भगवान का सबसे मधुर और आत्मीय प्रेम-रूप प्रकट होता है, इसलिए यहाँ की रज को भी परम पवित्र माना जाता है।
बाँके बिहारी मंदिर में वह विग्रह विराजमान है जिसे संगीताचार्य स्वामी हरिदास जी ने निधिवन में प्रकट किया था। यहाँ दर्शन के समय बार-बार पर्दा डाला जाता है; कहा जाता है कि भक्त ठाकुर जी की दृष्टि का तेज अधिक देर तक सह नहीं पाते। राधारमण मंदिर का विग्रह परंपरा के अनुसार श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी की शालग्राम शिला से स्वयं प्रकट हुआ। लाल बलुआ पत्थर से बना गोविंद देव मंदिर सोलहवीं शताब्दी में आमेर के राजा मानसिंह के समय बना; इसका मूल विग्रह अब जयपुर में पूजित है। श्रील प्रभुपाद द्वारा स्थापित इस्कॉन श्री कृष्ण-बलराम मंदिर में देश-विदेश के भक्त आते हैं। निधिवन और सेवा कुंज ऐसे पावन कुंज हैं जिनके बारे में मान्यता है कि वहाँ आज भी रात्रि में रास होता है, इसलिए संध्या के बाद वे बंद कर दिए जाते हैं। भक्त नाम-जप करते हुए, प्रायः नंगे पाँव, वृंदावन की परिक्रमा भी करते हैं।
जन्माष्टमी, होली (बाँके बिहारी मंदिर की फूलों की होली सहित), रास की स्मृति में शरद पूर्णिमा और श्रावण का झूलन उत्सव यहाँ के प्रमुख पर्व हैं।
व्यावहारिक जानकारी: वृंदावन मथुरा से लगभग बारह किलोमीटर दूर है। निकटतम बड़ा रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन है, जहाँ से सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है।
- State
- उत्तर प्रदेश
- Nearest City
- Mathura
- Main Temples
- Banke Bihari Temple, Radha Raman Temple, Govind Dev Temple, ISKCON Krishna Balaram Mandir, Nidhivan, Seva Kunj
- Associated Leela
- Childhood leelas, cow-herding and the Raas Leela