भगवद् गीता वर्ल्ड

मथुरा

यमुना तट पर बसी वह पावन नगरी जहाँ कंस के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ।

यमुना के तट पर बसी मथुरा वह पावन नगरी है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ। श्रीमद्भागवत के अनुसार भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की आधी रात को अत्याचारी राजा कंस के कारागार में, जहाँ वसुदेव जी और देवकी जी बंदी थे, भगवान ने जन्म लिया। उसी रात वसुदेव जी नवजात शिशु को यमुना पार कराकर गोकुल ले गए। वर्षों बाद श्रीकृष्ण बलराम जी के साथ मथुरा लौटे, कंस का अंत किया और अपने माता-पिता को बंधन से मुक्त कराया। मथुरा भारत की सात मोक्षदायिनी पुरियों (सप्तपुरी) में गिनी जाती है और पूरे ब्रज मंडल का हृदय है।

यहाँ का सबसे प्रमुख स्थान श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर है, जिसमें कारागार के स्थान को दर्शाने वाला गर्भगृह और केशवदेव मंदिर स्थित हैं। यमुना तट पर विश्राम घाट वह स्थान माना जाता है जहाँ कंस वध के बाद श्रीकृष्ण ने विश्राम किया था। यहाँ की सायंकालीन यमुना आरती मन को भक्ति से भर देती है। पुराने शहर में स्थित द्वारकाधीश मंदिर, जो उन्नीसवीं शताब्दी में बना, अपने भव्य शृंगार और पुष्टिमार्गीय सेवा-पद्धति के लिए प्रसिद्ध है। श्रावण मास में यहाँ के झूलों के दर्शन विशेष रूप से मनोहर होते हैं।

जन्माष्टमी यहाँ का सबसे बड़ा उत्सव है, जब पूरा नगर आधी रात तक जागकर अपने लाला के जन्म की प्रतीक्षा करता है और मंदिरों में भजन-कीर्तन गूँजते रहते हैं। मथुरा और आसपास के ब्रज गाँवों में होली भी कई दिनों तक बड़े उल्लास से मनाई जाती है।

व्यावहारिक जानकारी: मथुरा जंक्शन दिल्ली–आगरा मार्ग का प्रमुख रेलवे स्टेशन है और आगरा निकटतम बड़ा शहर है। वृंदावन, गोकुल और गोवर्धन मथुरा से सड़क मार्ग द्वारा थोड़ी ही दूरी पर हैं, इसलिए अधिकांश यात्री मथुरा को ही ब्रज यात्रा का आरंभ-बिंदु बनाते हैं।

State
उत्तर प्रदेश
Nearest City
Agra
Main Temples
Shri Krishna Janmasthan, Keshav Dev Temple, Vishram Ghat, Dwarkadhish Temple
Associated Leela
Birth of Shri Krishna and the slaying of Kansa

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