भगवद् गीता वर्ल्ड

गोपाला गोपाला देवकीनंदन गोपाला (धुन)

बाल-गोपाल के नामों की सरल पारंपरिक धुन, जो सत्संग और भजन-संध्या में गाई जाती है।

मूल पाठ

गोपाला गोपाला देवकीनंदन गोपाला ।
नंद दुलारे गोपाला, यशोदा के लाला गोपाला ॥

रचयिता: Traditional

अर्थ: हे गोपाल (गायों के रक्षक), हे देवकी के आनंद, हे नंद के दुलारे, हे यशोदा के लाल — गोपाल!

इस धुन में बाल-कृष्ण के जन्म-परिवार (देवकी) और पालक-परिवार (नंद-यशोदा) दोनों का प्रेम से स्मरण होता है। इसे धीमी और तेज़ — दोनों लय में गाया जाता है और बच्चे इसे बहुत जल्दी सीख लेते हैं।

Author
Traditional
Note
Lines are added and varied freely in group singing.

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