श्रद्धावान को ज्ञान मिलता है
श्रद्धावान, तत्पर और इंद्रियों को वश में रखने वाला मनुष्य ज्ञान प्राप्त करता है, और ज्ञान पाकर शीघ्र ही परम शांति को प्राप्त होता है।
श्रद्धावाँल्लभते ज्ञानं तत्परः संयतेन्द्रियः ।
ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति ॥
śraddhāvā.Nllabhate jñānaṃ tatparaḥ saṃyatendriyaḥ .
jñānaṃ labdhvā parāṃ śāntimacireṇādhigacchati ॥
संबंधित गीता श्लोक: गीता 4.39
सीखने के लिए श्रद्धा, लगन और संयम — तीनों आवश्यक हैं। संदेह से भरा मन कुछ ग्रहण नहीं कर पाता, जबकि विनम्र और श्रद्धालु मन हर अनुभव से सीखता है।
जीवन-सूत्र: गुरु और शास्त्र के प्रति श्रद्धा रखें और नियमित अभ्यास करें।
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